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Showing posts from September, 2017

उनचास मरुत का क्या अर्थ है ? | वायु कितने प्रकार की होती है?

Unchaas Marut | उनचास मरुत तुलसीदास ने सुन्दर कांड में, जब हनुमान जी ने लंका मे आग लगाई थी, उस प्रसंग पर लिखा है -* *हरि प्रेरित तेहि अवसर चले मरुत उनचास।* *अट्टहास करि गर्जा कपि बढ़ि लाग अकास।।25।।* अर्थात : जब हनुमान जी ने लंका को अग्नि के हवाले कर दिया तो -- *भगवान की प्रेरणा से उनपचासों पवन चलने लगे।* *हनुमान जी अट्टहास करके गर्जे और आकार बढ़ाकर आकाश से जा लगे। 49 प्रकार की वायु के बारे में जानकारी और अध्ययन करने पर सनातन धर्म पर अत्यंत गर्व हुआ। तुलसीदासजी के वायु ज्ञान पर सुखद आश्चर्य हुआ, जिससे शायद आधुनिक मौसम विज्ञान भी अनभिज्ञ है । आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि *वेदों में वायु की 7 शाखाओं के बारे में विस्तार से वर्णन मिलता है*। अधिकतर लोग यही समझते हैं कि वायु तो एक ही प्रकार की होती है, लेकिन उसका रूप बदलता रहता है, जैसे कि ठंडी वायु, गर्म वायु और समान वायु, लेकिन ऐसा नहीं है।  दरअसल, जल के भीतर जो वायु है उसका वेद-पुराणों में अलग नाम दिया गया है और आकाश में स्थित जो वायु है उसका नाम अलग है। अंतरिक्ष में जो वायु है उसका नाम अलग और पाताल में स्थित वायु का नाम अलग है। नाम अल

Swami Parmanand Giri Ji Maharaj- Motivational Speech Part 5

Swami Parmanand Giri Ji Maharaj- Motivational Speech Part 5          युगपुरुष स्वामी परमानन्द गिरी जी महाराज   प्रिय भक्तो आज  परम  पूजनीय श्री परमानन्द जी महाराज के बहराइच समागम की कथा का पंचम सोपान सुनाने जा रहे है।  हमे पूर्ण आशा है की आप सब प्रेमी महाराज श्री के मुखारबिंद से ज्ञान वर्षा के मधुर शब्दों में भीग के अपने अपने जीवन को सफल बनाएंगे और अपने ईस्ट मित्रो के साथ महाराज जी के इस पवन प्रवचन को जरूर शेयर करेंगे।  स्वामी जी का एक मात्र उद्देश्य सामाजिक कल्याण करते हुवे मानव मात्र को सही दिशा प्रदान करना है। महाराज श्री के अनमोल वचनो की धारा  हम सब भक्तो पे यूही बरसती रहे बस इसी का प्रयास किया जा रहा है। हम सब अपनी अंतर आत्मा से युग पुरुष स्वामी जी श्री परमानन्द गिरी जी महाराज का स्वागत और सत्कार करते है की उन्होंने हम दीन बंधुओ पर अपनी कृपा द्रिष्टी डाली और हमे सत्मार्ग दिखाने का बेडा उठाया।  जय हो गुरुदेव जी महाराज की।  श्री राम जय राम जय जय राम  श्री राम जय राम जय जय राम                   "गुरूर्बह्रमा गुरुर्विष्णु गुरुर्देवो महेश्वरा |                  गुरुर

Swami Parmanand Giri Ji Maharaj-Motivational Speech Part 4

Swami Parmanand Giri Ji Maharaj-Motivational Speech Part 4         युगपुरुष स्वामी परमानन्द गिरी जी महाराज   प्रिय भक्तो आज  परम  पूजनीय श्री परमानन्द जी महाराज के बहराइच समागम की कथा का चतुर्थ भाग सुनाने जा रहे है।  हमे पूर्ण आशा है की आप सब प्रेमी महाराज श्री के मुखारबिंद से ज्ञान वर्षा के मधुर शब्दों में भीग के अपने अपने जीवन को सफल बनाएंगे और अपने ईस्ट मित्रो के साथ महाराज जी के इस पवन प्रवचन को जरूर शेयर करेंगे। स्वामी जी का एक मात्र उद्देश्य सामाजिक कल्याण करते हुवे मानव मात्र को सही दिशा प्रदान करना है। महाराज श्री के अनमोल वचनो की धारा  हम सब भक्तो पे यूही बरसती रहे बस इसी का प्रयास किया जा रहा है। हम सब अपनी अंतर आत्मा से युग पुरुष स्वामी जी श्री परमानन्द गिरी जी महाराज का स्वागत और सत्कार करते है की उन्होंने हम दीन बंधुओ पर अपनी कृपा द्रिष्टी डाली और हमे सत्मार्ग दिखाने का बेडा उठाया।  जय हो गुरुदेव जी महाराज की।  श्री राम जय राम जय जय राम  श्री राम जय राम जय जय राम                  "गुरूर्बह्रमा गुरुर्विष्णु गुरुर्देवो महेश्वरा |                  गुरुर्साक्ष

Swami Parmanand Giri Ji Maharaj- Motivational Speech Part 3

            Swami Parmanand Giri Ji Maharaj         युगपुरुष स्वामी परमानन्द गिरी जी महाराज  प्रिय भक्तो आज  परम पूजनीय श्री परमानन्द जी महाराज के बहराइच समागम की कथा का तृतीया पुष्प सुनाने जा रहे है।  हमे पूर्ण आशा है की आप सब प्रेमी महाराज श्री के मुखारबिंद से ज्ञान वर्षा के मधुर शब्दों में भीग के अपने अपने जीवन को सफल बनाएंगे और अपने ईस्ट मित्रो के साथ महाराज जी के इस पावन प्रवचन को जरूर शेयर करेंगे।  स्वामी जी का एक मात्र उद्देश्य सामाजिक कल्याण करते हुवे मानव मात्र को सही दिशा प्रदान करना है। महाराज श्री के अनमोल वचनो की धारा  हम सब भक्तो पे यूही बरसती रहे बस इसी का प्रयास किया जा रहा है। हम सब अपनी अंतर आत्मा से युग पुरुष स्वामी जी श्री परमानन्द गिरी जी महाराज का स्वागत और सत्कार करते है की उन्होंने हम दीन बंधुओ पर अपनी कृपा द्रिष्टी डाली और हमे सत्मार्ग दिखाने का बेडा उठाया।  जय हो गुरुदेव जी महाराज की।  श्री राम जय राम जय जय राम  श्री राम जय राम जय जय राम                  "गुरूर्बह्रमा गुरुर्विष्णु गुरुर्देवो महेश्वरा |                  गुरुर्साक्षात परब्रह्मा

Swami Parmanand Giri Ji Maharaj- Motivational Speech Part 2

         Swami Parmanand Giri Ji Maharaj        युगपुरुष स्वामी परमानन्द गिरी जी महाराज   Swami Parmanand Giri Ji Maharaj Shri ram Jai Ram Jai Jai Ram प्रिय भक्तो आज  परम  पूजनीय श्री परमानन्द जी महाराज के बहराइच समागम की कथा का  द्वितीय  भाग सुनाने जा रहे है।  हमे पूर्ण आशा है की आप सब प्रेमी महाराज श्री के मुखारबिंद से ज्ञान वर्षा के मधुर शब्दों में भीग के अपने अपने जीवन को सफल बनाएंगे और अपने ईस्ट मित्रो के साथ महाराज जी के इस पवन प्रवचन को जरूर शेयर करेंगे। स्वामी जी का एक मात्र उद्देश्य सामाजिक कल्याण करते हुवे मानव मात्र को सही दिशा प्रदान करना है। महाराज श्री के अनमोल वचनो की धारा  हम सब भक्तो पे यूही बरसती रहे बस इसी का प्रयास किया जा रहा है। हम सब अपनी अंतर आत्मा से युग पुरुष स्वामी जी श्री परमानन्द गिरी जी महाराज का स्वागत और सत्कार करते है की उन्होंने हम दीन बंधुओ पर अपनी कृपा द्रिष्टी डाली और हमे सत्मार्ग दिखाने का बेडा उठाया।  जय हो गुरुदेव जी महाराज की।  श्री राम जय राम जय जय राम  श्री राम जय राम जय जय राम                  "गुरूर्बह्रमा गुरुर्विष्णु ग

Swami Parmanand Giri Ji Maharaj- Motivational Speech Part 1

Swami Parmanand Ji Maharaj   प्रिय भक्तो आज हम परम  पूज्य श्री परमानन्द गिरी जी महाराज के बहराइच समागम की कथा का प्रथम भाग सुनाने जा रहे है।  हमे पूर्ण आशा है की आप सब प्रेमी महाराज श्री के मुखारबिंद से ज्ञान वर्षा के मधुर शब्दों में भीग के अपने-अपने जीवन को सफल बनाएंगे और अपने ईस्ट मित्रो के साथ महाराज जी के इस पावन प्रवचन को जरूर शेयर करेंगे।  स्वामी जी का एक मात्र उद्देश्य सामाजिक कल्याण करते हुवे मानव मात्र को सही दिशा प्रदान करना है। महाराज श्री के अनमोल वचनो की धारा हम सब भक्तो पे यूही बरसती रहे बस इसी का प्रयास किया जा रहा है।  हम सब अपनी अंतर आत्मा से युग पुरुष स्वामी जी श्री परमानन्द गिरी जी महाराज का स्वागत और सत्कार करते है की उन्होंने हम दीन बंधुओ पर अपनी कृपा द्रिष्टी डाली और हमे सत्मार्ग दिखाने का बेडा उठाया। सनातन काल से ही आर्यावर्त की पावन धारा पर दिव्या पुरुषो का अवतरण होता रहा है।  हम सभी बहुत सौभाग्यशाली है क्योकि हम सब उस युग पुरुष के काल में जी रहे है जिन्होंने अपनी वेदांत रुपी वाणी को समस्त संसार में फैलाकर समस्त जीवो का उद्धार किया है।    जय हो गुरुदेव जी म